
1.बादलों में कैसा मौसम छाया है,
ये कौन है और कहाँ से आया है,
बीत गई उम्र उसे देखते-देखते,
कैसा इश्क़ उसका मुझ पर छाया है...
2. कितना खुशनसीब है वो आईना,
जिसे रोज़ तुम्हारा दीदार नसीब होता है।
हम तो बस एक तस्वीर के ख़्वाहिशमंद थे,
मगर मेरा महबूब हर बार इनकार करता है..
3.गुस्से में ज़हर सी लगती हो तुम,
आँखें उठाओ तो कहर सी लगती हो तुम।
तुझे मनाने का तरीका ढूंढा है मैंने,
क्योंकि मेरी धड़कन में बसती हो तुम… 💖