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Sansar ka safar

संसार का सफर काफी सुहाना था

नदियों के संग समुद्र दीवाना था इन

लंबे लम्हों में आसमान का सहारा था

दर्द भरे इन पलो में मजबूत पहाड़ों का

साथ था बढ़ते इस सफर में जंगलों का

खौफ था बातो ही बातों में हवा का जोका

ऐसे आया जैसे मानो उसी का दौर था

Baatcheet