
मे कइसे भुलाहव तोला
मोर सास अउ ज़िन्दगी तोर ये ||
जे बोलत हव गोठियावत हव
जो सोचत हव कर पावत हव ||
तोर ले ही तो सब पाए हव
मया, प्रेम के सूघघर बोली |
सब के सुख दुख के संगवारी
तोर शिक्षा ला धरे अपनाये हव ||
मोर देवता तो तै अस बाबू
मोर ज़िंदगी ला बनाये हस ||
तोरे लइका मै हर बाबू
तोर गुन ला अपनाये हव ||