Holi
Ankit Shah
एक और होली गाई तुम्हारे बिना लेकिन तुम्हारी बेवफाई का रंग नहीं उतरा और मैं मान चुका हूं कि तू जिंदगी से चला गया लेकिन वो वक़्त आज भी नहीं गुज़रा।