लाल रंग का भरा सिलिंडर
गुर्राए देखो एक बार,
मिच मिच आँख दिखाये
इंडक्शन भी इस बार।
दोनों की इस जुगलबंदी से
हार गया मानव का मन,
भरा सिलिंडर और इंडक्शन
लगते अब बोझ सौ मन।
इन दोनों के कारण ही
लगी कतार है लंबी सी,
घर बाहर दोनों में कीच कीच
बहस होती है लंबी सी।
रवि प्रकाश केशरी
वाराणसी