लघु कथा)
मिलावट
चार मक्खियां भूखी थी, उनमें से एक किसी एक मिठाई पर जा बैठी। मक्खी ने चखकर मिठाई खाई किंतु उसकी अंतड़ियों में सूजन आ गई और वह वहीं मर गई, वास्तव में मिठाई में जहरीला रंग मिला हुआ था।दूसरी मक्खी पहली मक्खी का यह हाल देखा तो किसी मैदेवालों की दुकान पर जा बैठी लेकिन मैदा खाने के बाद उसके पेट में दर्द हुआ और वह भी तड़प कर मर गई, मैदे में फिटकरी मिली हुई थी। तीसरी मक्खी ने किसी दूध वाले की दुकान पर जाकर अपनी भूख मिटाई लेकिन दूध में चाॅक मिला था जिसके कारण वह भी मर गई। तब अपनी सभी सहेलियों को मौत के मुंह में जाते देखकर चौथी मक्खी किसी दुकान पर पड़े कागज का जहर चाटने लगी उसने सोचा बिना दोस्तों के मर जाना ही अच्छा है लेकिन वह ज्यों ज्यों जहर चाटती जाती थी वह तंदुरुस्त और स्वस्थ होती जाती थी, उसने तो सोचा था कि जहर खाकर जान दे देगी लेकिन इस जहर में भी मिलावट थी