
भाग 1: आधी रात की रिक्वेस्ट
समर को देर रात तक जागकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करने की आदत थी। रात के करीब 1:45 बज रहे थे, जब उसके फोन पर एक नोटिफिकेशन पॉप-अप हुआ—"प्रीति शर्मा सेंट यू अ फ्रेंड रिक्वेस्ट।"
समर ने प्रोफाइल पिक देखी। एक बेहद खूबसूरत लड़की की धुंधली सी तस्वीर थी, जो किसी घने जंगल के सामने खड़ी थी। समर ने बिना ज्यादा सोचे 'एक्सेप्ट' बटन दबा दिया।
तुरंत ही मैसेंजर पर प्रीति का मैसेज आया: "थैंक यू, समर। बहुत दिनों बाद किसी ने मुझसे बात की।"
समर ने मुस्कुराते हुए टाइप किया: "वेलकम। पर हम पहले कभी मिले हैं क्या?"
जवाब आया: "मिले नहीं, पर मैं तुम्हें बहुत करीब से जानती हूं। क्या तुम मेरे साथ एक गेम खेलोगे? मैं एक पहेली पूछूंगी, अगर तुमने गलत जवाब दिया, तो मैं तुम्हारे और करीब आ जाऊंगी।"
समर को लगा कोई लड़की टाइमपास कर रही है। उसने लिखा, "चलो ठीक है, पूछो।"
प्रीति का मैसेज आया: "तुम्हारी पीठ के ठीक पीछे जो अलमारी है, उसका रंग क्या है?"
समर का मुस्कुराता हुआ चेहरा अचानक गंभीर हो गया। वह अपने कमरे के बेड पर बैठा था और उसकी पीठ के ठीक पीछे लोहे की अलमारी थी। उसने डरते हुए पीछे देखा और टाइप किया, "काली... पर तुम्हें कैसे पता?"
स्क्रीन पर तुरंत मैसेज आया: "गलत जवाब! अलमारी के ऊपर जमी धूल का रंग भूरा है। और देखो, मैं तुम्हारे थोड़े और करीब आ गई।"
भाग 2: कमरे के अंदर
समर को अब डर लगने लगा था। उसने तुरंत प्रीति की प्रोफाइल दोबारा खोली। इस बार प्रोफाइल पिक्चर बदल चुकी थी। उस तस्वीर में वह लड़की अब जंगल में नहीं, बल्कि एक बंद कमरे के दरवाजे के पास खड़ी थी। वह कमरा हूबहू समर के फ्लैट के बाहर वाले हॉल जैसा दिख रहा था।
समर के माथे पर पसीना आ गया। उसने कांपते हाथों से टाइप किया, "देखो, यह मजाक नहीं है। तुम कौन हो? मेरा फोन हैक किया है क्या?"
कोई जवाब नहीं आया। समर ने राहत की सांस लेने की कोशिश की ही थी कि उसके फोन पर एक और नोटिफिकेशन आया। इस बार प्रीति ने उसे एक वीडियो कॉल किया था।
डर के मारे समर का दिल तेजी से धड़क रहा था। उसने कॉल काट दी और तुरंत प्रीति की प्रोफाइल को 'ब्लॉक' और 'अनफ़्रेंड' करने के लिए सेटिंग्स में गया। लेकिन जैसे ही उसने 'Unfriend' पर क्लिक किया, स्क्रीन पर लाल अक्षरों में लिखा आया—"त्रुटि: आप मौत को अनफ़्रेंड नहीं कर सकते।"
तभी समर के फोन का कैमरा अपने आप ऑन हो गया। स्क्रीन दो हिस्सों में बंट गई। एक तरफ समर का अपना चेहरा दिख रहा था, और दूसरी तरफ... उसके अपने ही कमरे का नजारा था, लेकिन कैमरा बेड के नीचे से ऊपर की तरफ देख रहा था।
यानी, कोई समर के बेड के ठीक नीचे छुपा हुआ था और वहां से फोन का कैमरा ऑन करके समर को देख रहा था।
भाग 3: बेड के नीचे
समर की चीख निकल गई। वह बेड से कूदकर दूर भागा और कमरे की लाइट ऑन कर दी। पूरा कमरा खाली था। उसने हिम्मत जुटाकर बेड के नीचे टॉर्च जलाई। वहां कोई नहीं था, सिर्फ धूल थी।
"मैं पागल हो रहा हूं," समर ने खुद से कहा और हांफते हुए वापस बेड पर बैठ गया। उसने फोन उठाया। स्क्रीन पर प्रीति का आखिरी मैसेज आ चुका था।
"मैंने कहा था न समर, गलत जवाब देने पर मैं और करीब आ जाऊंगी। अब मैं तुम्हारे पीछे खड़ी हूं।"
समर की रीढ़ की हड्डी में एक ठंडी सिहरन दौड़ गई। कमरे की लाइट चालू थी, लेकिन बेड के सामने वाले बड़े शीशे में समर को अपने पीछे एक साया दिखाई दिया। वही लड़की, जिसके हाथ के नाखून लंबे थे और चेहरा पूरी तरह से झुलसा हुआ था, उसके ठीक कंधे पर हाथ रखे खड़ी थी।
समर ने पीछे मुड़कर देखना चाहा, लेकिन उससे पहले ही दो ठंडे हाथों ने उसकी गर्दन को दबोच लिया। कमरे में सिर्फ समर के दम घुटने की आवाज गूंजी... और फिर सन्नाटा छा गया।
अगली सुबह, समर का दोस्त राहुल उसके घर पहुंचा क्योंकि समर फोन नहीं उठा रहा था। दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस को बुलाया गया। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो कमरा पूरी तरह व्यवस्थित था, लेकिन समर गायब था।
पुलिस को बेड पर सिर्फ समर का फोन मिला। राहुल ने जब फोन ऑन किया, तो समर का सोशल मीडिया अकाउंट खुला हुआ था।
राहुल के फोन पर अचानक एक नोटिफिकेशन आया—"समर सेंट यू अ फ्रेंड रिक्वेस्ट।"
राहुल ने हैरान होकर समर की प्रोफाइल पिक्चर देखी। तस्वीर में समर अपने ही कमरे के शीशे के अंदर कैद था, और उसके पीछे वह झुलसे चेहरे वाली लड़की खड़ी मुस्कुरा रही थी। राहुल के मैसेंजर पर एक मैसेज टिमटिमा उठा: "हाय राहुल, क्या तुम मेरे साथ एक गेम खेलोगे?"