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पीलापन

चलो उठो अब हरियाली लाओ,

छोड़ो मन का पीलापन।

चलो उठो अब मधुर राग सुनाओ,

छोड़ो मन का ढीलापन।

चलो उठो अब हर्षित हो जाओ,

छोड़ो मन का अनर्थ उमंग।

चलो उठो अब जी भर के मुस्काओ,

छोड़ो मन का अल्हड़पन।

चलो उठो अब नभ को देखो ,

छोड़ो मन का पीलापन।।

इंजीनियर राजन सोनी

अम्बेडकर नगर,उत्तर प्रदेश

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