
इंतज़ार है एक पल के गुज़र जाने का,
इंतज़ार है एक पल के ठहर जाने का।
इंतज़ार है तुम तक आने का,
इंतज़ार है तुमसे दूर जाने का।
इंतज़ार है फिर से ख़ुद को पाने का,
इंतज़ार है ख़ुद को खो देने का।
इंतज़ार है उस सुबह का,
जो नई उम्मीदें लेकर आए,
और इंतज़ार है उस रात का,
जो पुराने ज़ख्म सुला जाए।
इंतज़ार है कुछ सवालों के जवाबों का,
और कुछ जवाबों के मिट जाने का।
इंतज़ार है उस मंज़िल का,
जिसकी राहों में उम्र बीत रही है,
और इंतज़ार है उस सफ़र का,
जो हर रोज़ एक नया सबक दे रहा है।
इंतज़ार है हँसने का,
इंतज़ार है जी भर के रो लेने का,
इंतज़ार है दुनिया को समझने का,
और ख़ुद में ही खो लेने का।
मगर सबसे ज़्यादा इंतज़ार है उस दिन का,
जब ये सारे इंतज़ार ख़त्म हो जाएँगे,
और मैं आईने में देखकर कह सकूँगा—
"अब मुझे किसी का नहीं,
सिर्फ़ अपने होने का एहसास है।"