
प्रीत ऐसा कहा जो किया जा सके,
अपनी उलझन किसी को दिया जा सके,
खुद ही जलते रहो इसमें उम्र भर,
प्रेम पीड़ा ऐसा कहा जो सहा जा सके।।
प्रीत का होना कठिन है प्रिए,
प्रेम में रोना कठिन है प्रिए,
खा जाते है धोखा इसी प्रेम में,
प्रेम कर किसी एक का होना कठिन है प्रिए।।
इंजीनियर राजन सोनी
अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश