
हम अक्सर जीत को सफलता मानते हैं, लेकिन असली सफल इंसान वह है जो 'हार' को गले लगाना सीख जाए। अगर किसी दिन आपकी कलम न चले, या कोई परीक्षा वैसी न जाए जैसी आपने सोची थी, तो उस दिन निराश न होकर खुद को यह कहना कि "कोई बात नहीं, मैं फिर से कोशिश करूँगा"—यही सबसे बड़ी सफलता है।
सफलता वो नहीं जो दुनिया को दिखाई दे, सफलता वो है जो आपको खुद की नज़रों में और ऊँचा उठा दे। आपकी कलम की स्याही और मेहनत का पसीना जब एक साथ मिलते हैं, तो इतिहास अपने आप लिखा जाता है।