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फलसफा

यूँ तो नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,

यूँ तो नहीं कि आँखें नम ही नहीं।

हर मुस्कान के पीछे कुछ राज़ छिपे हैं,

हर ख़ामोशी में एहसास कम ही नहीं।

ज़िंदगी सिलसिला आज-कल का नहीं,

ज़िंदगी फ़लसफ़ा दो पल का नहीं।

जो ठोकरों से सीखकर आगे बढ़े,

उसके लिए कोई रास्ता मुश्किल का नहीं।

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