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काले कुएँ की आवाज़ 😱

काले कुएँ की आवाज़ 😱

गाँव के बाहर एक पुराना कुआँ था। लोग कहते थे कि रात 12 बजे उसके पास जाने वाला कभी पहले जैसा वापस नहीं आता।

एक रात, रवि और उसके दोस्त हिम्मत दिखाने के लिए वहाँ गए। घड़ी में ठीक 12 बजे थे। अचानक कुएँ के अंदर से किसी लड़की की धीमी आवाज़ आई—

"मुझे बाहर निकालो..."

दोस्त डर गए, लेकिन रवि ने टॉर्च कुएँ में चमकाई। नीचे सिर्फ अँधेरा था।

फिर आवाज़ दोबारा आई—

"रवि... मुझे बाहर निकालो..."

रवि चौंक गया। उसने अपना नाम किसी को नहीं बताया था।

उसी समय उसका फोन बजा। स्क्रीन पर उसकी माँ का कॉल था।

माँ रोते हुए बोलीं, "रवि, तुरंत घर आ जाओ! तुम्हारा छोटा भाई अभी-अभी गायब हो गया है!"

रवि घबरा गया। तभी कुएँ से फिर आवाज़ आई—

"तुम्हारा भाई यहीं है..."

रवि ने डरते हुए नीचे झाँका। अचानक उसे कुएँ की दीवार पर अपने भाई का चेहरा दिखाई दिया। लेकिन वह चेहरा मुस्कुरा रहा था... और उसकी आँखें पूरी तरह काली थीं।

अगले ही पल किसी ने रवि का हाथ पकड़कर उसे कुएँ की ओर खींच लिया।

उसके दोस्त भाग गए।

अगली सुबह गाँव वालों को कुएँ के पास सिर्फ रवि का फोन मिला। फोन में आखिरी रिकॉर्डिंग चल रही थी—

> "अगर यह रिकॉर्डिंग किसी को मिले... तो रात 12 बजे इस कुएँ के पास मत आना... क्योंकि अब वह मेरी आवाज़ में लोगों को बुलाता है..."

उस रात 12 बजे फिर वही आवाज़ सुनाई दी—

"मुझे बाहर निकालो..." 👻

समाप्त.

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