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चले आओ

चले आओ ,
दिखाना है ,
तुम्हारे  बिन  भी जी लेंगे ।
मगर तुमसे,
जुदा होकर,
मरेंगे भी तो घुट-घुट कर ।।
चले आओ....

मिले ना तुम ,
सहज जग में ,
तुम्हें  खोजा  यूँ  दर-दर  मैं ।
तेरे आंखों ,
का जादू है ,
दीवाना  मैं  हुआ  मिलकर ।।
चले आओ......

कभी  मैंने ,
नहीं  सोचा ,
तेरे उर में   यूँ  बसने  की ।
मगर तुमने ,
हमें   लूटा ,
मेरे नाजुक हृदय बस कर ।।
चले आओ......

बिजली-सी ,
तड़प जाता,
मेरा  तन-मन मचल जाता । 
सम्हाँलू मैं,
नयन कैसे ,
बरसते  जब  घटा  बनकर ।।
चले आओ......

चपल यादें ,
ये सौतन-सी ,
सताएंगी  मगर    हम   तो ।
सजाएंगे ,
गुलिस्ता - सा ,
तेरे  ही  नाम   अधरों  पर ।।
चले आओ......

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