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बहुत थक गया हूं ।

Situation

Kaisi paristhiti thi — Baar baar try karne pr bhi ho chahate ho (success) na mile

Ehsaas

हाथ पैर मारकर भी जब कुछ न हो...

बहुत थक गया हूं।

तमस भरी गलियों के वो भयंकर सन्नाटे

भीतर का शोर और हालातों के मौन चांटे,

टूटी उम्मीदें, झूठे दिलासे ओर कंपित तन

क्षण भर का उजाला चाहता है भयभीत मन,

शेष बची चंद खुशियों की खोज में

मारा मारा फिरता हूं आतुर होकर रोज मैं,

चितवन तलाशे पल उजियारे-उजियारे

भटकूं लेकर खुद को हरि के द्वारे-द्वारे,

तेरे निर्णय के इंतजार में बैठा हूँ खुदको बिसार कर

इल्जाम लगा दे कोई और मुझको मेरा गुनहगार कर,

बस कर दे अब और किताब बंद कर जाते-जाते...

बहुत थक गया हूं खाली हाथ लौटकर वापस आते-आते ।

____Moonkibaat✍️

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