
वो कोना दिल का
खाली था जो
तुम्हारे आने से पहले
वीरान हो गया है
तुम्हारे जाने के बाद।
ऐसा नहीं है कि
सफ़र में अकेली हूं
ख़ुशी भी है,ग़म भी है
आंसू भी है, हंसी भी है
पर न जाने क्यूं
बस रात उदास है
तुम्हारे जाने के बाद।
बहुत समझदार हो गई हूं अब ,
करती नहीं ज़्यादा बातें,
रोती नहीं अब उन गानों पर
जिन्हें पसंद किया था तुमने
मेरी प्लेलिस्ट से
पर न जाने क्यूं
बस आंखे बेजार हैं
तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद।।
ज्योति