01/04/2026

#स्वरचित
#बुधवार
अंजनी के लाल हनुमान पवन सुत नाम तुम्हारा,
हे महावीर बल हनुमान
राम भक्ति है काम तुम्हारा!
बुद्धि मति के तुम हो स्वामी
कृपा करो हे अंतर्यामी!
बल शक्ति के तुम ही हो दाता
पराक्रम के तुम ही हो विधाता!
लक्ष्मण के तुमने प्राण बचाए
अपनी पुंछ से लंका जला आए!
भक्त करे गुणगान तुम्हारा
हनुमान करो कल्याण हमारा!
राक्षसों का विनाश कर डाला,
अहिरावण की भुजाओं को उखाड़ डाला!
भूत पिशाच निकट नहीं आए
भक्तों को कोई कष्ट ना आए!
बुराई एक पल टिक ना पाए,
महावीर का नाम जब नाम आए!
भक्त कोई रहे ना दुखियारे,
दिन हीन के तुम रखवारे!
भक्तों के दुख निवारे,
सदा रहे राम के दुलारे!
सफल करो हर काम हमारा,
कलयुग में सिद्ध है नाम तुम्हारा!
तुम्हारी शरण में ना कोई भय है,
करते सभी का मंगलमय हे!
बोलो सियाराम चंद्र जी की जय
विपिन उपाध्याय
भवानीमंडी