Back to feed

अब भी बाकी है....

कुछ सफेदी सी है बालों में,

कुछ सिलवटें भी हैं गालों पे।

कुछ आँखों की रोशनी जाती सी,

कुछ अब भी बाकी है।

यादें सारी ख़त्म हुईं,

पर बातें अब भी बाकी हैं।

उम्र ने धीरे-धीरे

बहुत कुछ छीन लिया हमसे,

मगर दिल के किसी कोने में

कुछ जज़्बात अब भी बाकी हैं।

तेरे साथ उम्र जो गुज़री है आधी,

है बाकी भी जो, वो गुज़र जाए साथी।

शाम की चाय की चुस्कियाँ अब भी बाकी हैं,

तेरे संग बैठने की आदतें अब भी बाकी हैं।

वो गाने पुराने, वो गुज़रे ज़माने,

वो बातें पुरानी जो लगती हँसाने।

वो किस्से-कहानियाँ अब भी बाकी हैं,

कुछ भीगी निशानियाँ अब भी बाकी हैं।

धुँधली निगाहें हैं, ढलती जवानी,

चश्मे के पीछे से देखी कहानी।

वक़्त ने चेहरे पे लकीरें तो लिख दीं,

पर कुछ शरारतें अब भी बाकी हैं।

तेरा साथ पाना ही सपना था मेरा

सिकुड़ती सी आँखों में तेरा ही चेहरा

देखना और अब कुछ न बाकी है

Baatcheet