
उनको सबक सिखाने की युक्ति विचारी।
इतने में गोपियों की जत्था आय गया री।
यमुना जी में डुबकी लगाय लिया री।
और सबका वस्त्र छिपाय दिया री ।
तभी अचानक कही से किसी की मुस्कान
सब बोली है कैसी ये ठिठोली हे कान्हा
जो तुम अब वस्त्रों को छिपाय रहे हो।
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