भारत का संस्कार ले कर आया हूँ मैं संस्कार का एक छोटा सा बाजार ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
थोड़ी इज्जत थोड़ी खुशी और थोड़ा इंतजार ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
चाहत भी है इजाजत भी है थोड़ा सा व्यापार ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
उम्मीदों से तकलीफो का हाल ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
खुशी खुशी मैं इस संसार में व्यवहार ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
संस्कार मिलता कैसे है
आओ आज मैं सिखाऊंगा
बड़े बुजुर्गो का मैं तुमको आशीर्वाद दिलवाऊंगा
दिल के अरमानो को मैं यहां जगाऊंगा
मन को आकर्षित करवा के तुमको खुशियाँ दिलवाऊंगा
जब भी आदर संस्कार चाहिए हो तो भारत में तुम भी आ जाना
बड़े बुजुर्गो को प्रणाम करना किसी से ना तुम सरमाना
यहाँ प्रणाम से सब शुरू होता है ये बताने आया हूँ
बिना जाने तुमको मैं भी हक़ जताने आया हूँ
देखो इस मतलबी दुनियां में त्यौहार ले कर आया हूँ
हाँ मैं प्यार ले कर आया हूँ
करन बघेल