
शीर्षक - बसंत ऋतु का प्रेम
तुम्हारा मेरे जीवन में आना बिल्कुल बसंत ऋतु की तरह,
मेरे दिल में तुम्हारी यादों का बसना,गुलाबी फूलों की तरह,
मैंने तुम्हें चाहा अपने जीवन के लिए बारह मासी की तरह,
लेकिन तुम्हारा मेरे जीवन में आना और चले जाना,
जैसे बसंत ऋतु की तरह,बसंत ऋतु के तरह।
मेरा,तुम्हारी पुरानी यादों में खोए रहना और ये सोचना की,
तुम्हारा मेरे जीवन में वापस आना,
गुलाबी फूलों के गिरने के तरह -२।
तुम मुझे सिखा गई जीवन जीने के कला,
गुलाबी फूलों की तरह।
हमेशा यही उम्मीद रही तुम्हारे वापस आने की,
बसंत ऋतु की तरह,बसंत ऋतु की तरह।
तुमने मुझे सिखलाया के ये जीवन छोटा है,
मगर खूबसूरत है,जैसे बसंत ऋतु के गुलाबी फूल,
थोड़े समय के लिए खिलते है और झड़ जाते है।
तुम मेरे जीवन में एक आशा की किरण लेकर आई थी,
जैसे गुलाबी फूल ,बसंत ऋतु को लेकर आई थी,लेकर आई थी।
लेकिन गुलाबी फूल और बसंत ऋतु तो हर साल आ जाएगी,
तुम्हारी याद भी हर पल आएगी,लेकिन तुम न आओगी -२।
भगवान ने तुम्हे भी बुला लिया, बसंत ऋतु के फूलों के तरह,
बसंत ऋतु के फूलों की तरह।
नाम - हेमू सैंथिया