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सुनो तुम प्रिये

तोड़ दो सारे बंधन सुनो तुम प्रिये,
छोड़ दो सारे क्रंदन सुनो तुम प्रिये।
अब न रोको हृदय की उमड़ती लहर,
खोल दो मन के स्पंदन सुनो तुम प्रिये।

प्रेम की राह में जो भी दीवार है,
आज कर दो वह खंडन सुनो तुम प्रिये।
मैं तुम्हारा रहूँ, तुम हमारी रहो,
बस यही है निवेदन सुनो तुम प्रिये।

इंजीनियर राजन सोनी

अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश

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