
बरसों से सोची कहानी पर कभी लिख ना पाई
कहानी रचना आ गया पर लिखना नहीं आया
अचानक से मिल गया वो जिसने राह दिखाई
कहानी लिखना किया शुरू अपनीपहचान बनाई
फिर एक दिन उठा पुरानी डायरी कविता पढ़ने बैठी
कविता को लिखा ऐप में खूब तारीफ पाई
उस दिन से कविता लिखने की शुरुआत की
पता नहीं मेरे अंदर ये हुनर भी है
मै कविताएं भी लिख सकती हु ये जाना
आने अंदर के टेलेंट को पहचाना