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❤️ अधूरी मोहब्बत का आख़िरी ख़त ❤️

❤️ अधूरी मोहब्बत का आख़िरी ख़त ❤️

बरसात की एक ठंडी शाम थी। रेलवे स्टेशन पर भीड़ थी, लेकिन आरव की नज़र सिर्फ़ एक चेहरे को ढूँढ रही थी—अनाया।

पाँच साल पहले दोनों की मुलाकात कॉलेज में हुई थी। दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। दोनों ने साथ जीने-मरने के सपने देखे थे। लेकिन किस्मत को कुछ और मंज़ूर था।

अनाया के पिता ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। लाख कोशिशों के बाद भी दोनों अपने प्यार को मंज़िल नहीं दे सके।

उस दिन स्टेशन पर अनाया आख़िरी बार मिलने आई थी।

"आरव, अगर अगले जन्म जैसा कुछ होता है, तो मैं सिर्फ़ तुम्हारी बनकर आना चाहती हूँ।"

अनाया की आँखों से आँसू बह रहे थे।

आरव ने काँपते हाथों से एक लिफ़ाफ़ा उसकी ओर बढ़ाया।

"ये क्या है?" अनाया ने पूछा।

"मेरा आख़िरी ख़त। इसे तब पढ़ना जब मैं तुम्हारी याद बन जाऊँ।"

ट्रेन चलने लगी। अनाया रोते हुए डिब्बे में चढ़ गई। आरव प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ा उसे दूर जाते देखता रहा।

साल बीत गए।

एक दिन अनाया को पता चला कि आरव अब इस दुनिया में नहीं रहा। एक सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई थी।

उस रात अनाया ने काँपते हाथों से वह ख़त खोला।

उसमें लिखा था—

"अनाया, अगर तुम ये ख़त पढ़ रही हो तो शायद मैं इस दुनिया में नहीं हूँ। लेकिन याद रखना, सच्चा प्यार कभी मरता नहीं। मैं हर बारिश की बूंद में, हर ठंडी हवा में और तुम्हारी हर मुस्कान में ज़िंदा रहूँगा। मैंने तुम्हें कभी खोया नहीं, क्योंकि तुम हमेशा मेरे दिल में रही हो।"

ख़त पढ़ते-पढ़ते अनाया की आँखों से आँसू टपकने लगे।

वह आसमान की तरफ़ देखकर बोली—

"आरव, इस जन्म में नहीं सही, लेकिन अगले जन्म में मैं सिर्फ़ तुम्हारी रहूँगी..."

उसी समय आसमान में बिजली चमकी और हल्की बारिश शुरू हो गई, जैसे कहीं दूर आरव मुस्कुरा रहा हो।

सच्चा प्यार हमेशा साथ नहीं रहता, लेकिन हमेशा दिल में ज़िंदा रहता है। ❤️🥀

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