
शीर्षक - भारत माता
सिंहासन खाली है, कौन विराजमान होगा इस पर।
रास्ते में फूल बिखरे है, कौन शोभा बढ़ाएगा इनकी।
ताज रखा है वीर सपूतों के हाथों में, कौन सुशोभित करेगा इसको।
धरती पड़ी है विरान, बंजर, बिना अपने राजकीय शासन के,
गोरों ने आकर इस पर कब्जा कर लिया है -२
लेकिन भारत की ये धरती आजाद थी, आज़ाद है और आजाद रहेगी।
क्योंकि भारत माता आएगी और सिंहासन पर विराजमान होगी।
अपने कदमों से फूलों पर चलकर उनकी शोभा बढ़ाएगी।
वीर सपूतों के हाथों से ताज पहनकर उसको सुशोभित करेगी।
भारत माता आएगी और अपना राजकीय शासन भारतीयों के हाथों में देकर गोरों को बाहर भगाएगी।
भारत माता आएगी, भारत माता आएगी।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।।
नाम - हेमू सैंथिया
9109560042