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दिल से दिल तक

दिल से दिल तक

कुछ रिश्ते लफ़्ज़ों से नहीं,

खामोशियों से जुड़ जाते हैं,

दिल की राहों से चलते हुए

सीधे दिल तक पहुँच जाते हैं।

न कोई वादा, न कोई शोर,

बस एहसासों की एक डोर होती है,

जो समझ ले बिना कहे सब कुछ

वही सच्ची मोहब्बत होती है।

दूरी चाहे कितनी भी हो,

रिश्ते कम नहीं होते,

जो दिल से दिल तक जुड़े हों

वो कभी ख़त्म नहीं होते।

Dilselekhika

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