#सोमवार
#पत्रकार
#स्वरचित
पत्रकार हूँ, खबरों का सौदागर नहीं,
विज्ञापन की कीमत नहीं, सच दिखाता हूँ।
लेखनी मेरी, शब्दों का जादूगर नहीं,
बस दिखाता हूँ, जो है, जैसा है।
कुछ लोग कहते, खबरें बिकती हैं,
लेकिन मैं कहता, सच नहीं बिकता।
विज्ञापन के लिए, नहीं झुकता हूँ,
सच की राह पर, अडिग रहता हूँ।
मेरा काम है, दिखाना सच का चेहरा,
नहीं रिश्वत लेता, नहीं झुकता।
पत्रकारिता की मर्यादा रखता हूँ,
सच की आवाज, उठाता हूँ।
लेकिन विज्ञापन भी तो चाहिए,
मेरी मेहनत का सम्मान चाहिए।
समय और पैसा, दोनों लगते हैं,
खबरें बनाते, सच दिखाते हैं।
कुछ लोग कहते, खबरें फ्री में मिलती हैं,
लेकिन मैं कहता, कुछ तो कीमत होती है।
पत्रकार की मेहनत, समय और पैसा,
बिना विज्ञापन के, कैसे चलता है?
तो आइए, समझिए हमारी बात,
विज्ञापन दीजिए, सच की कीमत।
हम दिखाएंगे, आपका चेहरा,
सच की राह पर, आगे बढ़ाएंगे। 😊
राजकुमार कुशवाहा
सांगोद राजस्थान
