
चांदनी का एक अनकहा प्यार
प्रिय पाठक,
आज मैं आपके सामने एक ऐसी कहानी लेकर आई हूं जो आपके दिल को छूने का प्रयास करेगी । यह एक प्रेम पत्र है, जो चांदनी ने अपने प्रेमी को लिखा है। इस पत्र में, चांदनी ने अपने दिल की गहराइयों को व्यक्त किया है, अपनी बेचैनी को बयान किया है, और अपने प्रेमी को ढूंढने की इच्छा रखती हैं। यह पत्र न केवल एक प्रेम कहानी है, बल्कि यह एक भावनात्मक यात्रा भी है। यह आपको चांदनी के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करता है, उसकी भावनाओं को समझने का मौका देता है, और आपको अपने दिल की गहराइयों में झांकने के लिए प्रेरित करता है।
तो आइए, चांदनी की दुनिया में कदम रखें, और उसके अनकहे प्यार की कहानी को पढ़ें।
चांदनी का पत्र
प्रिय सनम ❤️
मैं जानती हूं कि तुम्हें ये मैसेज पढ़ने का समय नहीं मिलेगा, लेकिन मैंने इसे लिखने का फैसला किया है ताकि मेरे दिल की बात तुम्हें पता चल सके। मैं चाहती हूं कि तुम मेरी भावनाओं को समझो, मेरी बेचैनी को महसूस करो।
पता नहीं तुम्हें ये मैसेज कब नजर आए, मैं लिखकर छोड़ रही हूं, तुम्हारे लिए, जैसे तुमने मुझे अधूरा समझकर छोड़ा।
"तुम्हारे प्यार में मैं अमावस्या के चाँद की तरह हूं, जो नहीं है, फिर भी उसकी अनुपस्थिति का एहसास होता है। जैसे अमावस्या के चाँद की रोशनी नहीं होती, वैसे ही तुम्हारे बिना मेरा जीवन अंधकारमय हो गया है। तुम्हारी यादें मेरे दिल में एक अधूरे चाँद की तरह हैं, जो पूर्णता की प्रतीक्षा कर रही हैं।"
एक बात जो मैं करना चाहती हूं, ये बात जो दिल में दबी रह जाती है। ना सही समय मिलता है, ना सही वक्त, बस इतनी सी है कि मैं अचानक छुप जाना चाहती हूं, तुम्हारी नजरों से दूर हो जाना चाहती हूं, बेफिक्र होकर तुम जो बैठे हो।
तुम भी मुझे ढूंढो, और मैं तुम्हें मिलूं ही नहीं। तुम मुझे एक कॉल करो, मैं नहीं उठाऊंगी, तुम थोड़ा बेचैन हो जाओगे। फिर एक बार कॉल करना, मैं फिर रिसीव नहीं करूंगी। तुम तुरंत मैसेज करोगे, मैं जवाब नहीं दूंगी, बेचैनी बढ़ती रहेगी।
तुम सोशल मीडिया की ओर मुझे ढूंढना, मेरा नाम सर्च करना, मेरी पोस्ट देखना, मेरी तस्वीर देखना, और तुम्हारी बेचैनी और बढ़ती जाएगी। तुम मुझे सोचना, मेरी बातें याद करना, मेरी आवाज याद करना, तुम्हारे लिए मेरा प्यार, मेरा फिक्र याद करना।
वो सब महसूस करना जो तुम्हारे साथ बिताए थे। वो सारे स्टीकर जो मैं तुम्हें भेजा करती थी, और तुम सीन कर के ना जाने कहीं गुम हो जाया करते थे।
और फिर तुम मुझे एक ओर कॉल करोगे। मैं फिर तुम्हें इगनोर कर दूंगी। तुम झट से वाट्सअप में एक इशारा दोगे अपनी स्टेटस में लिखकर कि किसी की याद आ रही है। मैं तुम्हारा स्टेटस म्यूट कर दूंगी, सोशल मीडिया के सभी साइड से तुम्हें म्यूट कर दूंगी, ताकि गलती से भी तुम्हारा स्टेटस ना दिखे।
तुम हर वो दिन ना सोना जब जब मैं तुम्हें जवाब ना दूं, तुम नींद की गोली खाने पर भी ना सो पाओ... तुम रात भर मेरी तस्वीर देखते मुझसे सवाल करते रहोगे। तुम कहाँ हो, कैसी हो... और तस्वीरें कहाँ बोलती हैं जो मैं बोल पडूंगी?
गुस्से में तुम मुझे ना कॉल करने का प्रण भी ले लेना, और पल भर में तोड़ भी देना। और फिर एक कॉल घुमा देना। रोना जैसे मेरे सिवा दुनिया में तुम्हारा कोई नहीं... बार बार पुराने चैट खोलकर पढ़ना। और फिर यूं ही मुस्कुराना जैसे ये चैट अभी की हो, और वो चैट मुंह से बोलकर दोहराना जैसे अपने दिल को तसल्ली दे रहे हो।
फिर सबसे छुपकर मेरी तस्वीर लेकर खुद को सुलाने की कोशिश करना। सच कहो तो चाहती हूं तुमसे एक बार दूर जाना। शायद उस वक्त तुम्हें एहसास हो मेरी बेचैनी का... जब हमेशा हर तरफ हर जगह मुझे तुम ढूंढोगे... और मैं नहीं मिलूंगी... उस वक्त तुम्हें यही लगेगा कि काश तुम होती तो सीने से लगा लेता।
तुम्हें उस वक्त किसी की कोई जरूरत नहीं होती, होती तो चाहत सिर्फ मेरी होती, लाखों करोड़ों के बीच होते हुए भी, तुम मुझे छूना चाहोगे और मैं तुम्हें देखना भी नहीं चाहूंगी। तुम्हारे हर मैसेज को डिलीट करती जाऊंगी, जैसे कुछ था ही नहीं, तुम भी मेरी तरह बेबस किसी से कुछ ना कह पाना।
अंदर ही अंदर खुद से शिकायतें करना। तुम्हारे दिल दिमाग में भी घूमती रहूंगी, जैसे कुछ देखना सुनना ही नहीं चाहते। तुम मुझे खो दोगे, डर सताता रहेगा, मैं चाहती हूं तुम भी मेरी तरह ऐसी टाइम पास वाली हरकतों से गुजरो, ऐसे ही वक्त बर्बाद करो मेरे लिए जैसे मैं किया करती थी।
पर क्या कहूं, तुम तो तुम हो, मैं तो नहीं हो सकती। एक सच तो ये है, लेकिन आज भी मैं तुम्हारी प्रोफाइल स्क्रीनशॉट लेकर रखती हूं, तुम कितने बजे ऑनलाइन आए थे, ये देखकर ही एक सुकून लेती हूं कि तुम ठीक हो। तुम्हारी बहुत सारी तस्वीर देखती हूं, एक ओर देख लूं, मोह नहीं जाता।
तुम्हारी बहुत सारी तस्वीर है मेरी गैलरी में, जिसे हर 2 मिनट में देखती हूं, जी भर के। बहुत मुश्किल है तुम्हें इगनोर करना मेरे लिए। तुम जैसे मैसेज करते हो, सारे काम छोड़कर पहले मैसेज देखती हूं। तुम एक मैसेज करते हो, मैं तुम्हें 7, 8 कर देती हूं। सच तो ये है मैं तुम्हें बेचैन नहीं देख पाती, और शायद ये सपना सपना ही रह जाए। की तुम मुझे ढूंढो... क्योंकि मैं तुम्हें खुद आसानी से मिल जाना चाहती हूं।
निराश होने पर भी मैं अपने अंदर का प्रेम करना तुम्हारे लिए
नाकार नहीं सकती ।
अंत में बस इतना ही कहूंगी ,
अत्यंत प्रेम में करती हूं तुम रहने दो 🙏
💔 तुम्हारी: चांदनी (राधे)