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मेरा देश

भाव नहीं जिसके मन में

मानव नहीं आतंकी है

क्या सच है कश्मीर हमारा है या

फिर सारी नौटंकी है.

ओ खुनी मतवालो

क्या बच्चों का दर्द नहीं देखा,

छीन सुहाग की लाली को

क्यों खींच रहे वैमनस्य की रेखा.

ओ धर्म के ठेकेदारों क्यों बंदूक चलाते हो

जैसी करनी वैसी भरनी

क्यों अभी इतराते हो.

ओ कश्मीर के रखवालों

अब अमन तुम्ही को लाना है

धर्म नहीं आतंक को मारो

सोचो आगे क्या पाना है.

कश्मीर है हमारा हम कश्मीर ना देंगे.

ये हमारी जागीर हम जागीर न देंगे .

-Padma Rai

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