
राह कठिन हो, पथरीली हो,
या मंज़िल बहुत दूर लगे,
हिम्मत का दीपक जलाए रखना,
चाहे हर सपना चूर लगे।
ठोकर लगना हार नहीं है,
गिरकर फिर उठ जाना सीखो,
आँधियों से डरकर रुकना क्या,
उनसे लड़कर मुस्काना सीखो।
किस्मत भी झुक जाती है अक्सर,
उनके आगे जो चलते हैं,
अंधेरों को चीर के आगे,
अपने सपनों को बुनते हैं।
मत सोचो कितनी दूरी है,
बस अगला कदम बढ़ाना है,
हर छोटी कोशिश मिलकर ही,
एक बड़ा इतिहास बनाना है।
जब दुनिया तुमको रोकेगी,
जब अपने भी साथ छोड़ देंगे,
तब अपने विश्वास की ताकत से,
तुम सारे बंधन तोड़ दोगे।
याद रखो, सूरज हर दिन,
रात के बाद ही आता है,
जो संघर्षों से नहीं घबराता,
वही शिखर तक जाता है।
इसलिए कभी निराश न होना,
अपने सपनों को मरने न देना,
जब तक साँसें साथ हैं तुम्हारे,
खुद पर विश्वास कम होने न देना।
चलो उठो, फिर से कोशिश करो,
हर मुश्किल को आसान करो,
मंज़िल खुद कदम चूमेगी,
बस तुम आगे बढ़ने का नाम करो।