
पति का पुण्य पत्नी के काम सीधे नहीं आता।
क्योंकि:
हर व्यक्ति का पुण्य-पाप व्यक्तिगत होता है
जो जैसा कर्म करता है, फल भी उसे ही मिलता है
लेकिन:
पति-पत्नी मिलकर किए गए अच्छे काम (पूजा, दान, सेवा) दोनों को फल देते हैं
एक-दूसरे को सही रास्ता दिखाना और साथ देना भी पुण्य बढ़ाता है
👉 आसान शब्दों में:
“पति का पुण्य पत्नी को सीधे नहीं मिलता, लेकिन साथ मिलकर किया गया अच्छा कर्म दोनों के काम आता है।”