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Prince Singhal

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Personal Story

कागज की नाव

लेखक : प्रिन्स सिंहल बरसात का मौसम यानी रिमझिम गिरता सावन और होने लगती है दिल में एक अजीब सी गुदगुदी। मिट्टी की सौंधी सौंधी सुगंध सांसो में महकने लगती है। और मन डूबने लगता है पुरानी यादों में।यादों में भिगो देने वाला बरसात का मौसम किसी के लिए खुशह...

Prince Singhal
6m read851
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अंधेरी रात

लेखक: प्रिंस सिंहलटीन की छत पर बारीश की आवाज से दिल धडकने की रफ्तार बढ रही थी तभी बिजली चमकने से सारा कमरा दूधिया रोशनी में नहा गया । इस अंधेरे कमरे में अकेला बैठा मैं नींद की आगोश में आने को व्याकुल था, लेकिन नींद अभी मुझसे कोसो दूर थी। अचानक फिर...

Prince Singhal
6m read741
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एक साथ

लेखक: प्रिंस सिंहलट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी थी । मैं दौड़कर अंतिम कंपार्टमेंट में चढ गया। सामने वाली बर्थ पर केवल एक लड़की बैठी थी । गुलाबी सूट में खिड़की की चौखट पर कोहनी रखे मुंह को हथेली पर टेके हुए खिड़की से बाहर देख रही थी । ठंडी हवा के तेज झोंक...

Prince Singhal
8m read751
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काश

इन बच्चों ने तो जीना हराम कर दिया है। वे हताश छत की ओर देखने लगे। मानो कोई उनके सिर पर कूद रहा हो। उस फ्लैट सिस्टम सोसाइटी में मिस्टर एण्ड मिसेज राणा ग्राउण्ड फ्लोर पर अपना रिटायरमेंट जीवन व्यतीत कर रहे थे। चारों ओर सोसाइटी में सूकून, चैन और हरिया...

Prince Singhal
6m read931
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अधूरा सपना

ऑफिस जाने से पहले मै रोज की तरह अखबार उठाकर देख रहा था। पत्नी अनामिका जब तक नाश्ता लगा रही थी। तभी एक खबर ने मुझे चौका ही नहीं बल्कि अन्दर तक हिला कर रख दिया। मेरे चेहरे पर खबर की मनहूसियत उभर आई।अनामिका ने भी नाश्ता लगाते हुए महसूस कर लिया कि अखब...

Prince Singhal
5m read941
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डबलरोटी

लेखक : प्रिन्स सिंहल यूं तो मार्च क्लोजिंग में अक्सर ऑफिस से निकलने में देरी हो ही जाया करती थी पर शायद आज ज्यादा ही लेट हो गया था। रात के 9:00 बज चुके थे। मैं घर जाने की जल्दी में चौराहे की दुकान से ही डबल रोटी का पैकेट खरीद कर निकला, तो जल्दबाजी...

Prince Singhal
5m read1091