Personal Story
आँसू -- ग़म में भी आँसू ख़ुशी में भी आँसू ग़म ख़ुशी का संगम है आँसू, अपने भी मिलते बहते है आँसू अपने बिछड़ते छलकते है आँसू, आँसू की धारा दिल का सहारा ज़ब अपनों से मिलता किनारा, बचपन है रोता किलकारी का गुंजन अंतिम समय पर रोता है जीवन, एकाकी जीवन सहारा ये ढूंढे कोई तो हो आँसू जो पोंछे, जीवन क़ो कैसे लगाए किनारा किसी के कांधे का ढूंढे सहारा, कोई तो मिलेगा आँसू क़ो पोछे अपने नहीं तो मिलेंगे गेरों क़ो मोके.
आँसू ग़म में भी आँसू ख़ुशी में भी आँसू ग़म ख़ुशी का संगम है आँसू,अपने भी मिलते बहते है आँसू अपने बिछड़ते छलकते है आँसू,आँसू की धारा दिल का सहारा ज़ब अपनों से मिलता किनारा,बचपन है रोता किलकारी का गुंजन अंतिम समय पर रोता है जीवन,एकाकी जीवन सहारा ये ढूंढे ...
mahesh bhatt