Personal Story
Kalam
क्या लिखूं यही सोचकर आज कलाम उठाई है,मगर जब लिखना चाहा तब शब्दों की गहराई समझ में आयी है।औऱ आगे क्या लिखूं यही सोचकर रात बिताई है,जीवन की कठिनाइयों का सामना करना ही जीवन की सच्चाई है।और आगे क्या लिखूं यही सोचकर आज फिर से कलाम उठाई है।
Hemant Kumar