Personal Story
*मेरा परिचय* आंधियों के बीच जो जलता मिल जाएगा, उसी दिए से पूछ लीजिए मेरा परिचय मिल जाएगा। एक बूंद हूँ इस ज्ञान सागर में ,कतरा कतरा भर्ती हूं अपनी गागर में । अनुभवों से सिखती हूँ और वही जीती हूं ,कुछ भरी हूँ, कुछ अभी खाली हूँ ,मन आज भी बच्चों सा, ढेरों सवाली हूँ। हर क्षण एक प्रश्न ढूंढ लेती हूँ, फिर जिज्ञासा में दुनिया घूम लेती हूँ। जिस मिट्टी से तुम बनी, उसी मिट्टी से बनी नारी हूँ, मोम सा ह्रदय मेरा, मृदु भावों की प्यारी हूँ। सुख दुख का मिला-जुला है सफर मेरा, हर हाल में संतोष से जीवन है बसर मेरा। ज्यादा कि नहीं लालसा, थोड़ा सा प्यार मिल जाए उसी में तृप्त यह पिपासा मेरी। अपनी खूबियों के साथ खामियों से ना मुझे इंकार है, हर रूप में मेरा अस्तित्व मुझे स्वीकार है। दोनों हाथों से आप सबको नमन करती हूं , मै बबीता हर चुनौतियों के लिए तैयार हूं।
मेरा परिचय आंधियों के बीच जो जलता मिल जाएगा, उसी दिए से पूछ लीजिए मेरा परिचय मिल जाएगा। एक बूंद हूँ इस ज्ञान सागर में ,कतरा कतरा भर्ती हूं अपनी गागर में ।अनुभवों से सिखती हूँ और वही जीती हूं ,कुछ भरी हूँ, कुछ अभी खाली हूँ ,मन आज भी बच्चों सा, ढेरो...